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Millets Benefits for Heart: हृदय रोगों को दूर करने में रामबाण है मिलेट्स

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हृदय रोगों को दूर करने में रामबाण है मिलेट्स मिलेट्स (Millets) हमारे लिए एक बहुत ही स्वस्थ खाद्य हैं। ये भारतीय खाद्य पदार्थ हैं, जो कि पौष्टिकता से भरपूर होते हैं और स्वास्थ्य (Health) के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। मिलेट्स में कई प्रकार के विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इस लेख में हम मिलेट्स के लाभों पर विस्तार से बात करेंगे। मिलेट्स शरीर के लिए बहुत फायदेमंद पहले तो, मिलेट्स में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। फाइबर के सेवन से हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाया जा सकता है और आंतों में जमे मल को दूर करने में मदद मिलती है। दूसरे तो, मिलेट्स ग्लूटेन फ्री होते हैं जिससे उन्हें अलर्जी के शिकार होने का खतरा नहीं होता है। इसलिए, जो लोग ग्लूटेन से प्रभावित होते हैं उनके लिए मिलेट्स एक बहुत अच्छा विकल्प हो सकते हैं। तीसरे, मिलेट्स में प्रोटीन की मात्रा भी अधिक होती है। ये भी है Millets के फायदे - मिलेट्स गेहूं या चावल की तुलना में कम कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ होते हैं। ये मोटापे को कम करने में मदद क...

Diwali 2022 की तिथि को लेकर भ्रम, यहां जानिए सही तिथि के साथ लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

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Diwali 2022 हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली मनाई जाती है। इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती है। शास्त्रों में दिवाली को सुख समृद्धि प्रदान करने वाला त्यौहार माना गया है। मान्यता के अनुसार दिवाली के दिन माता लक्ष्मी अपने भक्तों के घर आकर उन्हें धन-धान्य का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। दिवाली से पहले धनतेरस मनाया जाता है।  Diwali 2022 त्यौहार की तिथि को लेकर भ्रम  सुख समृद्धि प्रदान करने वाले दिवाली त्यौहार की तिथि को लेकर इस वर्ष असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में दिवाली का त्यौहार किस दिन मनाएं लोगों में भ्रम बना हुआ है। आइये जानते हैं दीपावली की सही तिथि के साथ लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि के बारे में।  Diwali 2022 का शुभ मुहूर्त  2022 में कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 24 और 25 अक्टूबर दो दिन पड़ रही है। हालांकि 24 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या तिथि होने के कारण दीपावली पर्व 24 अक्टूबर को ही मनाया जाएगामें। अमावस्या तिथि 24 अक्टूबर सायंकाल 5 बजकर 27 मिनट से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर सायंकाल 4 बजकर...

सुजॉय घोष की अहल्या देख हिल जाएंगे आप

डायरेक्टर सुजॉय घोष ने रामायण की अहल्या पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म बनाई है। 14 मिनट की इस शॉर्ट फिल्म 'अहल्या' में राधिका आप्टे को अहल्या के आधुनिक रूप में पेश किया गया। यह फिल्म अहल्या की कहानी को नए सिरे से पेश करती है। रामायण की कहानी के मुताबिक इंद्र देव ने अहिल्या के साथ छल किया था और बाद में खामियाजा अहल्या को ही भुगतना पड़ा था जबकि उसकी कोई गलती नहीं थी। उसके पति गौतम ने उसे शाप देकर पत्थर बना देते हैं। फिल्म में इसका ठीक उल्टा दिखाया गया है। फिल्म में अहल्या इंद्र से बदला लेती है, उसके साथ छल करती है और उसे पत्थर बना देती है।

सास ने किया बहू का कन्यादान

सास ने किया बहू का कन्यादान, यह बात सुनने में अजीब लग सकती है, मगर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ऐसा ही कुछ हुआ है. बेटे की मौत के बाद एक महिला ने अपनी बहू का पुनर्विवाह कराया और खुद कन्यादान भी किया. वर्तमान दौर में सास व बहू के रिश्तों को लेकर आम धारणा अच्छी नहीं है, मगर होशंगाबाद की सविता के लिए उसकी बहू, बेटी से कम नहीं है. सविता के बेटे मनोज की शादी सुषमा से हुई थी, मगर मनोज की तीन वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई. इसके बाद सविता को लगा कि सुषमा के लिए पूरा जीवन अकेले काटना भारी पड़ जाएगा. एक महिला के तौर पर सविता ने अपने को सुषमा में देखा तो उन्हें लगा कि उनकी बहू को नए जीवन की शुरुआत करनी चाहिए. ऐसा होने पर ही सुषमा सुखमय जीवन गुजार सकती है. उसके बाद सविता ने अपनी बहू के लिए बेटी की तरह वर की तलाश की तो उनका सम्पर्क भोपाल के जितेंद्र बागड़े से हुआ. जितेंद्र की पत्नी का भी बीते दिनों निधन हो गया था. ऐसी स्थिति में वह भी विवाह के लिए तैयार हो गया. जितेंद्र और सुषमा की रजामंदी के बाद आर्य मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के मुताबिक विवाह संपन्न हुआ. इस मौके पर सविता ने सुषमा की मां की भूमिका ...

मैगी नूडल के विज्ञापन में बिग बी

मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने हाल ही में मैगी नूडल्स के एक विज्ञापन की शूटिंग पूरी की है। कई उत्पादों के ब्रांड एम्बेसेडर अमिताभ ने कहा कि एक कारगर विज्ञापन तैयार करना एक तीन घंटे की फिल्म बनाने से ज्यादा कठिन है। अमिताभ ने ट्वीट किया है, "मैगी नूडल्स विज्ञापन की शूटिंग पूरी की। यह काफी मजेदार रहा।" अमिताभ मानते हैं कि अच्छा और कारगर विज्ञापन बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। बकौल अमिताभ, "लोग सोचते होंगे कि एक मिनट का विज्ञापन बनाना आसान है, लेकिन मेरी नजर में यह फिल्म बनाने से ज्यादा कठिन काम है।" "एक मिनट में ही विज्ञापन के माध्यम से जरूरी संदेश देना होता है। ऐसे विज्ञापनों में एक मिनट में ही लोगों को वह काम करने के लिए बाध्य किया जाता है, जो वे तीन घंटे मे करते हैं।"

भारत में लहलहा रहे जापानी पुदीने

उत्तर प्रदेश में बरेली मण्डल का चार जिलों में इन दिनों जापानी पुदीना उगाने का प्रचलन बढ रहा है. आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मण्डल के चारों जिलों बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में मेंथा पिपरेटा की पैदावार पहले से की जा रही थी, लेकिन किसानों का रुझान जापानी पुदीने की ओर बढने के बाद क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा बेहतर हुई है. मेंथा पिपरेटा की किस्म में सुधार करके जापानी कृषि वैज्ञानिकों ने कुछ दशक पहले मेंथा आरवेन्सेस नामक एक प्रजाति तैयार की जो जापानी पुदीने के नाम से बेहद लोकप्रिय हुई है. सूत्रों के अनुसार मण्डल में करीब डेढ-दो दशक पहले योजनाबद्ध तरीके से जब पुदीने की विभिन्न किस्मों की खेती को बढावा देने की शुरुआत की गई तो पता चलाकि किसानों को यह मालूम ही नहीं था कि इससे ज्यादा मुनाफा भी हो सकता है. उन्होंने बताया कि पुदीने की तमाम प्रजातियों के व्यावसायिक तथा औषधीय उपयोगों की वजह से इसकी उपज के दाम भी ऊंचे मिलते हैं. शिवालिक 88 जापानी पुदीने की भारत में तैयार उन्नत प्रजाति है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह किस्म बदलते मौसम में...

खत्म हुआ मतदान का दौर

लगभग एक माह तक पूरी तरह से थका देने वाला लोक सभा चुनाव का कार्यक्रम अब समाप्त हो गया। चुनाव आयोग के अनुसार चुनाव शांतिपूर्ण हुए जबकि नक्सल प्रभावित इलाकों में कुछेक हिंसा की वारदातें हुई जिसमे कई लोग मारे गए। भारत के चुनावी इतिहास के पन्ने को अगर पलट कर देखा जाए तो एक बात गौर करने वाली है की भारत में दिनोदिन चुनावों में हो रही हिंसा में कमी आई है जोकि एक लोकतान्त्रिक देश के लिए काफी बेहतर है। एक बात और ध्यान देने वाली है की इस चुनाव प्रक्रिया में उन वर्गों की भागीदारी में भी वृद्धि देखी गई है जो पहले के चुनाव में हाशिए पर रहा करते थे। इस वृद्धि के लिए चुनाव आयोग की सक्रियता आख़िर सफल हुई और इसका श्रेय भी काफी हद तक चुनाव आयो़ग को जाता है। इस चुनाव में उन राजनैतिक संगठनों और ताकतों का भी इसमें सकारात्मक योगदान है, जिन्होंने पिछडों, दलितों व स्त्रियों को लोकतंत्र में ज्यादा महत्वपूर्ण व सक्रिय बनाया है। इससे साफ़ जाहिर होता है की हमारा देश लोकतान्त्रिक व्यवस्था को बेहतर और प्रभावशाली बनाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ रही है। लेकिन इसके बावजूद भी इस चुनाव में कुछ कमिया और सवाल देखे जा सकते ह...

तीसरे मोर्चे की वास्तविकता : स्वप्न, हकीकत या छलावा

१५वीं लोकसभा चुनाव की तिथि निर्धारित होते ही तीसरे मोर्चे के गठन का भी ऐलान कर दिया गया। तीसरे मोर्चे के लिए चलाया जा रहा अभियान गति पकड़ रहा है। तीसरे मोर्चे का सपना कोई नया नही है। एक विचार के तौर पर यह स्थापना जनता को काफ़ी आकर्षित भी करती है की देश में एक ऐसा मंच बने जो उन सभी मुश्किलों से मुक्त हो जिसके लिए कांग्रेस पूरे देश में जानी जाती है। और साथ ही भाजपा की तरह संघ और साम्प्रदायिकता की कोई छाया भी न पड़े। कांग्रेस और भाजपा देश की राजनीति की दो ऎसी हकीक़त है जिसके आस-पास ही पिछले कुछ वर्षो से भारतीय राजनीति ध्रुवीकरण है। तीसरे मोर्चे की कल्पना इन दोनों से अलग एक सुनहरा व सुव्यवस्थित देश बनाने की है। लेकिन जाहिर सी बात है की इसके लिए जो भी महारथी आयेंगे वो भी किसी स्वर्ग से नही बल्कि इन दोनों ध्रुवों के आस-पास घूमने वाले महारथी ही होंगे जो दिल्ली की सत्ता में अपनी हिस्सेदारी या अपने जुगाड़ तलाश रहे होंगे। इसमें बहुत से ऐसे भी होंगे समय के नजाकत को देखते हुए पाला भी पलट सकते है।

जन्मदिन एक दिवस अनेक

उत्तर प्रदेश में आज का दिन काफ़ी महत्वपूर्ण है क्योकि आज बहुजन समाज पार्टी की अध्यछ व उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती का ५३वाजन्मदिन जो है जिसे कई मायनो में याद रखा जाएगा। पिछले कई महीनो से बहन मायावती के जन्मदिन की तैयारिया चल रही थी। जबकि पार्टी के अन्य नेता का कहना है की इस बार मुंबई में हुए आतंकी हमलो की वज़ह से बहन जी अपना जन्मदिन बड़े ही सादगी से मनाएगी। मायावती प्रत्येक वर्ष अपना जन्मदिन बड़े धूम धाम से मनाती है लेकिन इस बार माहौल जरा हट के था। प्रत्येक वर्ष बहन जी के जन्मदिन अवसर पर उनके पार्टी के कार्यकर्ता व तमाम प्रतिष्ठित लोग शामिल होते है। लेकिन इस बार उनका जन्मदिन मनाने वालों में उनके समर्थकों के साथ उनके विरोधी पार्टी वाले भी शामिल थे। हा, ये बात अलग है की उनका जन्मदिन मनाने का अंदाज़ अलग था। विरोधियो को तो एक मौका चाहिए चाहे वो जन्मदिन का अवसर हो या कोई और मौका। किसी ने ये मौका गवाया नही। और इसी का फायदा उठा कर विपछी दलों ने प्रदेश में जगह जगह जम कर बवाल काटा। विपछी दलों का आरोप है की बहन जी अधिकारियो, ठेकेदारों, दुकानदारों व आम जनता से पार्टी के नाम पर जबरन चंदा वस...

आखिर खत्म हुआ चुनावी उत्सव

शुक्र है आखिर में चुनावी उत्सव खत्म हो ही गया। लगभग एक महीने से अधिक तक चले इस चुनावी उत्सव में छः राज्यों के विधान सभा चुनाव हुए जिनमें दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और जम्मू कश्मीर राज्य शामिल थे। इस छः राज्यों के चुनाव के दौरान जनता देश की अनेको राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक घटनाओं से रूबरू हुई। इनमे आर्थिक मंदी, नौकरिओं में कटौती, बढती बेरोजगारी, बढती महंगाई और आतंकवाद जैसे घटना शामिल रहे। जनता ने यह भी देखा की किस प्रकार पार्टी में टिकट न मिलने पर नेता पार्टी से बागी हो जाते है। आशा लगाये पार्टी के उम्मीदवारों को चुनावी टिकट के बजाए खाली हाथ लौटना पड़ा तब उम्मीदवारों और समर्थकों ने पार्टी के आलाकमान के खिलाफ जम कर नारेबाजी की व पार्टी के विरुद्ध बगावत कर दी। इस विरोध में अपनों को टिकट न दिलवा पाने पर कई बड़े नेताओं ने भी बागिओं के साथ मिलकर पार्टी पर टिकट बिक्री का आरोप लगाया। इस प्रकार की राजनीति से जनता के बीच में क्या संदेश जाएगा। दूसरी तरफ़ राजनीतिक दलों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। इसी सब कुछ सामान्य चल रहा था की अचानक दिल्ली में ...

लो एक और बम धमाका

हर बार की तरह २६ नवम्बर 2008, बुधवार की रात को साढ़े नौ बजे एक बार फिर मुंबई में बम ब्लास्ट का कहर टूटा । भारत में बम ब्लास्ट कोई नई बात नही है और देशवासी भी इसके अब आदि हो गए है। बस नया है तो आतंक का नया तरीका। इससे पहले भी आतंकियों ने आतंक फैलाये है लेकिन इस बार इरादा कुछ और है। पहले की तरह बाज़ार में ब्लास्ट न करके इस बार वो सेना से दो दो हाथ करने के मूड में आए है। कहा जा रहा है की भारत में हुए अब तक जितने भी धमाके हुए है उनमे ये सबसे ज्यादा डरावना व भयानक है। अगर पूरे विश्व के आतकवादी गतिविधियों व बम धमाको पर नजर डाले तो यह अमेरिका के ९/११ घटना की याद दिलाता है। वाकई इन आतंकवादियों ने तो हद ही कर दी है। २६ नवम्बर की रात मुंबई में जो घटना घटी वो दिल दहला देने वाला मंजर था । समुद्री रास्ते से भारी तादाद में आए ये आतंकवादी अत्याधुनिक ऐके-४७ व ग्रेनेड से लैस थे इन आतंवादियों ने मुंबई के हाई प्रोफाइल एरिया में घुस कर दस जगहों पर विस्फोट कर मासूम व बेगुनाह लोगो पर ताबड़तोड़ गोलिया चलाई और सैकड़ो लोगो की जान लेली। आतंकवादियों ने मुंबई के सबसे पुराने होटल ताज होटल व ओबेरॉय होटल में घुस कर वि...

राजनीति बेफिजूल की

सिंगुर की नैनो प्रोजेक्ट की तरह रायबरेली की रेल कोच फैक्ट्री भी राजनीति की भेंट चढ़ गई। इसमे भी किसानों को ही मुद्दा बनाया गया है। किसानों को लेकर चल रही राजनीति से यह बात बिल्कुल भी स्पष्ट हो जाती है की चर्चा में बने रहने व वोट बैंक की राजनीति के इस खेल में राजनेता एक तरफ़ वाहवाही लूट रहे है तो दूसरी तरफ़ इस राजनितिक प्रतिद्वंदिता का नुकसान उस गरीब जनता को भुगतना पड़ता है जिसे एक वक्त की रोटी के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। यदि रायबरेली व सिंगुर इन दोनों मामलों की बात की जाए तो इनमे एक महत्वपूर्ण अन्तर यह है की जहां सिंगुर में नैनो प्लांट लगाने के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्ठाचार्य ने हरसंभव प्रयास किया वही रायबरेली की रेल कोच फैक्ट्री को स्थापित करने में प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ही अड़ंगा लगा रही है। यदि रायबरेली में यह रेल कोच फैक्ट्री स्थापित होती तो लगभग ६०० लोगों को प्रत्यछ् व हजारों लोगों को अप्रत्यछ्य रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होते। इसके साथ ही लगभग २०० लघु उद्योगों के भी स्थापित होने सम्भावना थी लेकिन रोजगार के इस अवसर पर राजनीति की आरी चल गई।

सिंगुर पर राजनीति

टाटा समूह के नैनो परियोजना को पश्चिम बंगाल से बाहर ले जाने की घोषणा के बाद सिंगुर में 12 घंटे का बंद। शुक्रवार रात दुर्गापुर एक्सप्रेस को रोक दिया गया था लेकिन शनिवार दोपहर से रेलगाड़ी फिर चलने लगी है। ये टाटा के कारखाने और कमाराकुंडा रेल स्टेशन के बीच चलती है। हावड़ा-बर्दवान रेल लाइन पर भी रेलगाड़ियों की आवाजाही बाधित की गई है। दुर्गापुर एक्सप्रेसवे पर सभी दुकानें बंद हैं। किसान व स्थानीय लोग भी प्रदर्शनों में शामिल हैं क्योंकि वे इस कारखाने के काम करने से नौकरियों और व्यवसाय शुरु होने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन सिंगुर पर हो रही राजनीति में वैसे गरीब जनता मारे जाएंगे जिसे एक वक्त की रोटी के लिए सोचना पड़ता है। उधर पश्चिम बंगाल की सरकार का कहना है कि टाटा के राज्य से हटने से पहले 11 हज़ार लोगों ने टाटा के कारखाने के लिए ज़मीन दी थी जबकि केवल दो हज़ार किसान विपक्षी दलों के साथ जुड़कर टाटा का विरोध कर रहे थे। हमें फैक्ट्री लगाने में बहुत आक्रामक विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा की विपक्ष मूल बातो को समझेगी और हमें पर्याप्त भूमि मिल सकेगी ताकि मुख्य प्लांट और सहायक इकाइयाँ एक साथ लग...

बेवकूफ जनता

प्यारे दोस्तों, मै आप सबका हाल में विभिन्न सहरो में हुए बम धमाको की ओर धयान आकर्षित करना चाहता हू की हम सबको इससे एक सबक लेने की जरुरत है और निर्णय लेने का यही उचित समय है। आए दिनों देस में बम विस्फोट की घटनाए हो रही है। लग रहा है की ये बम विस्फोट नही दिवाली के पटाखे है। इसे जनता की बेवकूफी नही कहेंगे तो और क्या कहेंगे जो हाथ पे हाथ धरे बैठे है। जाहिर सी बात है की आप सोच रहे होंगे की ये कौन है जो हमें बेवकूफ कह रहा है। आज स्थिति इतनी गंभीर हो गई है की कोई भी व्यक्ति अपने आप को सुरछित महसूस नही कर रहा है। अगर इसका जल्द से जल्द हल नही निकाला गया तो इसका परिणाम वर्तमान में पूरे देशवासी भुगत ही रहे है और भविष्य में और भी विकराल रूप देखने को मिलेगा। इसे पागलपन नही कहेंगे तो और क्या कहेंगे और कहेंगे। आए दिनों देस में बम विस्फोट की घटनाए हो रहे है और हम इस समस्या का विरोध करने के बजाए इसके आदि हो रहे है। अगर आप अपने antarman से पूछे की इसके खिलाफ आपने आवाज़ उठाई । नेताओ का क्या है वो तो लालबत्ती की गाड़ी में बैठ कर सफ़ेद कपडे पहने आते है और लोगो से ज्यादा उन्हें अपने जूतों की फिक्र होती है। सह...

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भारत-अमरीका असैनिक परमाणु समझौते पर १ अक्टूबर २००८ को अमरीकी सीनेट में मतविभाजन होगा। प्रतिनिधि सभा इसे पहले ही दो तिहाई बहुमत से पारित कर चुकी है। भारत-अमरीका असैनिक परमाणु समझौते विषय पर १ अक्टूबर २००८ को शाम लगभग साढ़े सात बजे सीनेट में यह समझौता मंज़ूरी के लिए पेश किया जाएगा। अमरीकी संसद के निचले सदन ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते को 117 के मुक़ाबले 298 मतों से पारित किया था। सीनेट में डेमोक्रैटिक और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों के सांसदों का समर्थन परमाणु समझौते को मिल सकता है। सीनेट से मंज़ूरी मिलने के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्री औपचारिक रुप से 123 समझौते पर हस्ताक्षक्चार करेंगे। इसके साथ ही भारत और अमरीका के मध्य परमाणु ईंधन और तकनीक के कारोबार का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा. दो संशोधन डेमोक्रैट हैरी रीड ने बताया की कि सीनेट में परमाणु समझौते में दो संशोधन करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। गौरतलब है की कुछ सांसदों ने ये स्पष्ट करने को कहा है कि अगर भारत भविष्य में परमाणु परीक्षण करता है तो अमेरिका की क्या नीति होगी। फिलहाल इनका मक़सद यह तय करना है कि अमेरिका से मिलने वाले परमाणु ई...

Ashish

प्रिय दोस्तों, नवरात्री के सुभ अवसर पर आप देसवासियो को हार्दिक सुभकामनाये। Shanti Shakti Sampati Swarup Saiyam Saadgi Safalta Samridhi Sanskar Swaasth Sammaan Sarswati aur Sneh...HAPPY NAVRATRA