बेवकूफ जनता
प्यारे दोस्तों,
मै आप सबका हाल में विभिन्न सहरो में हुए बम धमाको की ओर धयान आकर्षित करना चाहता हू की हम सबको इससे एक सबक लेने की जरुरत है और निर्णय लेने का यही उचित समय है। आए दिनों देस में बम विस्फोट की घटनाए हो रही है। लग रहा है की ये बम विस्फोट नही दिवाली के पटाखे है। इसे जनता की बेवकूफी नही कहेंगे तो और क्या कहेंगे जो हाथ पे हाथ धरे बैठे है। जाहिर सी बात है की आप सोच रहे होंगे की ये कौन है जो हमें बेवकूफ कह रहा है। आज स्थिति इतनी गंभीर हो गई है की कोई भी व्यक्ति अपने आप को सुरछित महसूस नही कर रहा है। अगर इसका जल्द से जल्द हल नही निकाला गया तो इसका परिणाम वर्तमान में पूरे देशवासी भुगत ही रहे है और भविष्य में और भी विकराल रूप देखने को मिलेगा। इसे पागलपन नही कहेंगे तो और क्या कहेंगे और कहेंगे। आए दिनों देस में बम विस्फोट की घटनाए हो रहे है और हम इस समस्या का विरोध करने के बजाए इसके आदि हो रहे है। अगर आप अपने antarman से पूछे की इसके खिलाफ आपने आवाज़ उठाई । नेताओ का क्या है वो तो लालबत्ती की गाड़ी में बैठ कर सफ़ेद कपडे पहने आते है और लोगो से ज्यादा उन्हें अपने जूतों की फिक्र होती है। सही मायने में नुकसान तो हमारे और आप जैसे लोगो का होता है। जिसमे किसी के पिता, भाई, बेटा या सगे सम्बन्धी की मौत होती है।
मै आप सबका हाल में विभिन्न सहरो में हुए बम धमाको की ओर धयान आकर्षित करना चाहता हू की हम सबको इससे एक सबक लेने की जरुरत है और निर्णय लेने का यही उचित समय है। आए दिनों देस में बम विस्फोट की घटनाए हो रही है। लग रहा है की ये बम विस्फोट नही दिवाली के पटाखे है। इसे जनता की बेवकूफी नही कहेंगे तो और क्या कहेंगे जो हाथ पे हाथ धरे बैठे है। जाहिर सी बात है की आप सोच रहे होंगे की ये कौन है जो हमें बेवकूफ कह रहा है। आज स्थिति इतनी गंभीर हो गई है की कोई भी व्यक्ति अपने आप को सुरछित महसूस नही कर रहा है। अगर इसका जल्द से जल्द हल नही निकाला गया तो इसका परिणाम वर्तमान में पूरे देशवासी भुगत ही रहे है और भविष्य में और भी विकराल रूप देखने को मिलेगा। इसे पागलपन नही कहेंगे तो और क्या कहेंगे और कहेंगे। आए दिनों देस में बम विस्फोट की घटनाए हो रहे है और हम इस समस्या का विरोध करने के बजाए इसके आदि हो रहे है। अगर आप अपने antarman से पूछे की इसके खिलाफ आपने आवाज़ उठाई । नेताओ का क्या है वो तो लालबत्ती की गाड़ी में बैठ कर सफ़ेद कपडे पहने आते है और लोगो से ज्यादा उन्हें अपने जूतों की फिक्र होती है। सही मायने में नुकसान तो हमारे और आप जैसे लोगो का होता है। जिसमे किसी के पिता, भाई, बेटा या सगे सम्बन्धी की मौत होती है।
टिप्पणियाँ
महादेव की सौगंध कोई आप का साथ दे या न दे मैं दूँगा.
वैसे ब्लॉग बनाने, सजाने या ब्लॉग से कमाने सम्बन्धी कोई जानकारी चाहिए तो हम हाज़िर हैं. और आप अपने ब्लॉग पर सफलता पूर्वक लिखते रहें ताकि हमारा खून जमने न पाये, आपकी क्रांतिकारी बातों से रह-रह कर खौलता रहे वरना रक्त काहे का. :)
बच्चे की फोटो बहुत ही प्यारी लग रही है.
मेरी कामना है कि यह नया कदम जो आपने उठाया है वह एक बहुत दीर्घ, सफल, एवं आसमान को छूने वाली यात्रा निकले. यह भी मेरी कामना है कि आपके चिट्ठे द्वारा बहुत लोगों को प्रोत्साहन एवं प्रेरणा मिल सके.
हिन्दी चिट्ठाजगत एक स्नेही परिवार है एवं आपको चिट्ठाकारी में किसी भी तरह की मदद की जरूरत पडे तो बहुत से लोग आपकी मदद के लिये तत्पर मिलेंगे.
शुभाशिष !
-- शास्त्री (www.Sarathi.info)
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बस हो गया काम !!
u really done a good job...........
Asha karta hu ki ap aise hi kadam uthate rhege aur hmare Hindi Bhasha ko world level pe badhate rhege...........
meri taraf se ap ko Navratri Ki shubh kamnaye.............
निरंतरता की चाहत है मेरे ब्लॉग पर आने के लिए मेरा आमंत्रण स्वीकारें कृपया जरूर पधारे
गजल की क्लास चल रही है आप भी शिरकत कीजिये www.subeerin.blogspot.com
कृपया वर्ड-वेरिफिकेशन का झंझट हटा दें
वीनस केसरी
roz kahin kahin na blast hota hai or bhut si ghatnaye hoti hai lekin next day sab hamesha ki tarah apne apne kaam pr chale jaate hai kisis ko kisi se kuch nahi lena dena , kisi koi fark nahi padta bt agar tum jaise or bhi is taraf dyan denge to is desh ka kuch ho skta hai....
recently i hve seen a movie "Wednesday" hame bhi kuch aisa hi krna chahiye
good going... best of luck