संदेश

दिसंबर, 2008 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आखिर खत्म हुआ चुनावी उत्सव

शुक्र है आखिर में चुनावी उत्सव खत्म हो ही गया। लगभग एक महीने से अधिक तक चले इस चुनावी उत्सव में छः राज्यों के विधान सभा चुनाव हुए जिनमें दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और जम्मू कश्मीर राज्य शामिल थे। इस छः राज्यों के चुनाव के दौरान जनता देश की अनेको राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक घटनाओं से रूबरू हुई। इनमे आर्थिक मंदी, नौकरिओं में कटौती, बढती बेरोजगारी, बढती महंगाई और आतंकवाद जैसे घटना शामिल रहे। जनता ने यह भी देखा की किस प्रकार पार्टी में टिकट न मिलने पर नेता पार्टी से बागी हो जाते है। आशा लगाये पार्टी के उम्मीदवारों को चुनावी टिकट के बजाए खाली हाथ लौटना पड़ा तब उम्मीदवारों और समर्थकों ने पार्टी के आलाकमान के खिलाफ जम कर नारेबाजी की व पार्टी के विरुद्ध बगावत कर दी। इस विरोध में अपनों को टिकट न दिलवा पाने पर कई बड़े नेताओं ने भी बागिओं के साथ मिलकर पार्टी पर टिकट बिक्री का आरोप लगाया। इस प्रकार की राजनीति से जनता के बीच में क्या संदेश जाएगा। दूसरी तरफ़ राजनीतिक दलों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। इसी सब कुछ सामान्य चल रहा था की अचानक दिल्ली में ...