संदेश

जून, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सास ने किया बहू का कन्यादान

सास ने किया बहू का कन्यादान, यह बात सुनने में अजीब लग सकती है, मगर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ऐसा ही कुछ हुआ है. बेटे की मौत के बाद एक महिला ने अपनी बहू का पुनर्विवाह कराया और खुद कन्यादान भी किया. वर्तमान दौर में सास व बहू के रिश्तों को लेकर आम धारणा अच्छी नहीं है, मगर होशंगाबाद की सविता के लिए उसकी बहू, बेटी से कम नहीं है. सविता के बेटे मनोज की शादी सुषमा से हुई थी, मगर मनोज की तीन वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई. इसके बाद सविता को लगा कि सुषमा के लिए पूरा जीवन अकेले काटना भारी पड़ जाएगा. एक महिला के तौर पर सविता ने अपने को सुषमा में देखा तो उन्हें लगा कि उनकी बहू को नए जीवन की शुरुआत करनी चाहिए. ऐसा होने पर ही सुषमा सुखमय जीवन गुजार सकती है. उसके बाद सविता ने अपनी बहू के लिए बेटी की तरह वर की तलाश की तो उनका सम्पर्क भोपाल के जितेंद्र बागड़े से हुआ. जितेंद्र की पत्नी का भी बीते दिनों निधन हो गया था. ऐसी स्थिति में वह भी विवाह के लिए तैयार हो गया. जितेंद्र और सुषमा की रजामंदी के बाद आर्य मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के मुताबिक विवाह संपन्न हुआ. इस मौके पर सविता ने सुषमा की मां की भूमिका ...

मैगी नूडल के विज्ञापन में बिग बी

मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने हाल ही में मैगी नूडल्स के एक विज्ञापन की शूटिंग पूरी की है। कई उत्पादों के ब्रांड एम्बेसेडर अमिताभ ने कहा कि एक कारगर विज्ञापन तैयार करना एक तीन घंटे की फिल्म बनाने से ज्यादा कठिन है। अमिताभ ने ट्वीट किया है, "मैगी नूडल्स विज्ञापन की शूटिंग पूरी की। यह काफी मजेदार रहा।" अमिताभ मानते हैं कि अच्छा और कारगर विज्ञापन बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। बकौल अमिताभ, "लोग सोचते होंगे कि एक मिनट का विज्ञापन बनाना आसान है, लेकिन मेरी नजर में यह फिल्म बनाने से ज्यादा कठिन काम है।" "एक मिनट में ही विज्ञापन के माध्यम से जरूरी संदेश देना होता है। ऐसे विज्ञापनों में एक मिनट में ही लोगों को वह काम करने के लिए बाध्य किया जाता है, जो वे तीन घंटे मे करते हैं।"

भारत में लहलहा रहे जापानी पुदीने

उत्तर प्रदेश में बरेली मण्डल का चार जिलों में इन दिनों जापानी पुदीना उगाने का प्रचलन बढ रहा है. आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मण्डल के चारों जिलों बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में मेंथा पिपरेटा की पैदावार पहले से की जा रही थी, लेकिन किसानों का रुझान जापानी पुदीने की ओर बढने के बाद क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा बेहतर हुई है. मेंथा पिपरेटा की किस्म में सुधार करके जापानी कृषि वैज्ञानिकों ने कुछ दशक पहले मेंथा आरवेन्सेस नामक एक प्रजाति तैयार की जो जापानी पुदीने के नाम से बेहद लोकप्रिय हुई है. सूत्रों के अनुसार मण्डल में करीब डेढ-दो दशक पहले योजनाबद्ध तरीके से जब पुदीने की विभिन्न किस्मों की खेती को बढावा देने की शुरुआत की गई तो पता चलाकि किसानों को यह मालूम ही नहीं था कि इससे ज्यादा मुनाफा भी हो सकता है. उन्होंने बताया कि पुदीने की तमाम प्रजातियों के व्यावसायिक तथा औषधीय उपयोगों की वजह से इसकी उपज के दाम भी ऊंचे मिलते हैं. शिवालिक 88 जापानी पुदीने की भारत में तैयार उन्नत प्रजाति है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह किस्म बदलते मौसम में...